वाक्य किसे कहते हैं|Vakya Kise Kahate Hain

Vakya kise kahte hain

है ,क्या आप जानते है की Vakya kise kahate hain ,अगर नहीं जानते और जानना जाहते हैं ,तो  लेख आपकलिए बहुत ही फायदेमंद साबित रहने वाला हैं ,किउंकि आज हम इस लेख के मदत से Vakya  के वारे में विस्तार से चर्चा करे जा रहे हैं।

यहाँ हम Vakya के बारे में  बात करने के साथ साथ वाक्य के सभी भेदों को उदाहरण  के साथ चर्चा करेंगे जिससे आप  वाक्य को अच्छे से समझ पाएंगे और के वाक्य के सभी Types को आसानी से पहचान कर पाएंगे।

वैसे अगर आप पढाई कर रहे है ,या किसी Competative Exam की तयारी कर रहे हैं तो ,आपको वाक्य तथा उसके सभी प्रकारों के वारे में अवगत होना बहुत ही जरुरी है ,किउंकि इससे सम्बंधित कई सवाल आपसे पूछा जा सकता हैं।

तो चलिए वाक्य और इसके सभी प्रकारों के बारे में बात करते हैं

वाक्य किसे कहते हैं (Vakya Kise Kahate Hain)

जानकारी केलिए आपको बता दें की भाषा मुख्य रूप से तीन होते है ,जैसे वर्ण  ,शब्द,और वाक्य।,इसमें से वर्ण भाषा का सबसे छोटा अंग है और वाक्य भाषा ब व्याकरण  का सबसे बड़ा अंग मानी  जाती है ,वाक्य  कई शब्दों के मिलन से बनता हैं।

वाक्य की परिभाषा - शब्दों के  सार्थक योग को  वाक्य कहा जाता है, अर्थात, दो से अधिक शब्दों का  व्यवस्थित  समूह, जिससे सम्पूर्ण अर्थ निकलता है ,वाक्य कहलाता हैं।

जैसे  :

राम खेलता हैं, राम पढता हैं, श्याम कोलाज में पढता हैं, आदि वाक्य के उदाहरण  हैं।

वाक्यांश

वाक्यांश किसे कहते हैं - वाक्य के छोटे छोटे भाग ,एक से अधिक शब्दों के समूह जिससे जिसका सम्पूर्ण अर्थ नहीं निकलता है ,उस शब्दों के समूह को वाक्यांश कहा जाता हैं।

जैसे:

राम के भाई कल
में कल स्कूल
श्याम बहुत
राम ने आज

इन सभी को वाक्यांश कहा जाता हैं , इनसे पूरा अर्थ नहीं निकलता है ,लेकिन इनसे कुछ वाक्य जोड़के इसे पूर्ण वाक्य में परिणत किया जा सकता हैं।

वाक्य के कितने अंग होते हैं

वाक्य के  सभी प्रकारों पर चर्चा करने से पहले, आइए इस बारे में बात करते हैं कि वाक्य के कितने भाग हैं। वैसे आपको बता दें हिंदी व्याकरण में  वाक्य के कुल दो अंग  है ,जिसमे से एक है उदेश्य और दूसरा है विधेय।

1.उदेश्य

वैसे आप जानते है की वाक्य के दो अंग है ,जिसमे से उदेश्य एक है ,और वाक्य में उदेश्य ,उसे कहा जाता है ,जिसके वारे में चर्चा की जा रहे है ,

जैसे :

#  राम खेलता है। 

इस वाक्य में "राम" कर्ता यानी  उदेश्य है ,किउंकि इस वाक्य में "राम" के वारे में  ही चर्चा की जा रही  हैं।

# मेहनत करने वाला व्यक्ति सदा सफल प्राप्त करता है।

इस वाक्य में "वयक्ति" कर्ता है और "मेहनत करने वाला" कर्ता का विस्तारक है ,यानी इस वाक्य में व्यक्ति और मेहनत करने वाला ही उदेश्य है।

अतः कर्ता और कर्ता के विस्तारक को उदेश्य के रूप में गिना जाता हैं।

2.विधेय

 विधेय किसे कहते हैं - किसी वाक्य में स्थित क्रिया को विधेय कहते हैं, अर्थात् वाक्य के उद्देश्य के बारे में कथन को विधेय कहते हैं। दूसरे शब्दों में, उद्देश्य को छोड़कर वाक्य में जो कुछ भी बचा है, उसकी गणना विधेय के तहत की जाती है।

# राम का भाई श्याम हर दिन 8 घंटे पढ़ाई करता है।

इस वाक्य में "श्याम" कर्ता है, "राम का भाई" कर्ता का विस्तारक है और, "पढ़ाई करता है " इस वाक्य की क्रिया है और "हर दिन 8 घंटे पढ़ाई करता है" क्रिया का विस्तार है।

अतः राम का भाई श्याम "उदेश्य" है और हर दिन 8 घंटे पढ़ाई करता है "विधेय" है।

वैसे आप ने जान गए होंगे की उदेश्य क्या होता है और  विधेय क्या होता है ,अब चलिए बात करते हैं  ,की वाक्य के कितने भेद होते हैं।

वाक्य के कितने भेद होते हैं(Vakya ke kitne bhed hote hain) 

आपको बता दें की वाक्य को तीन अलग अलग तरीकों से बिभेदीकरण किया जाता है।

जैसे :

प्रयोग ब रचना  के आधार पर वाक्य के भेद

प्रयोग व रचना के आधार वर वाक्य कुल तीन प्रकार के  होते है,

जैसे:

1.सरल वाक्य /साधारण वाक्य
2.संजुक्त वाक्य
3.मिश्र वाक्य /मिश्रित वाक्य

1.सरल/साधारण वाक्य

ऐसे वाक्य जिसमे एक उदेश्य और एक विधेय होता ,उस वाक्य को सरल अथवा साधारण वाक्य कहा जाता हैं। 

जैसे:

राम खेलता हैं। 

2.संजुक्त वाक्य

जिस वाक्य में एक से अधिक  सरल वाक्य अथवा उपवाक्य होंगे ,उसे संजुक्त वाकय कहा जाएगा। 

जैसे :

राम खेल रहा है ,लेकिन श्याम पढ़ रहा है। 

3.मिश्र /मिश्रित वाक्य

जिस वाक्य में एक प्रधान उपवाक्य और एक से अधिक उपवाक्य होती है ,उस वाक्य को मिश्र वाक्य कहाजाता है।

अर्थ के आधार पर बाक्य के भेद

1-विधानार्थ्क बाक्य ( विधान )
2-संधेहार्थ्क बाक्य( संधेह )
3-संकेतार्थ्क बाक्य ( संकेत /सर्त )
4-इछार्थ्क बाक्य (इच्छा  )
5-आंग्यार्थ्क बाक्य (आंग्या )
6-निशेधार्थ्क बाक्य ((निशेद /मना कर्न )
7-प्रश्नार्थ्क बाक्य ( प्रश्न )
8-बिश्मयबोधक बाक्य ( विश्म्य ,आस्चर्ज्य

वाक्य के सभी भेदों के बारे में विस्तार से जानना चाहते हैं तो निचे दिए गए लिंक पर क्लिक करे और वाक्य के सभी भेदों के वारे में अच्छे से जाने।

लिंक = वाक्य के कितने भेद होते हैं।

अंतिम शब्द:

हमारा मानना है कि इस लेख को पढ़ने के बात आप बेहतर से जान गए होंगे कि वाक्य किसे कहते हैं , लेकिन फिर भी आपके पास वाक्य के संबंधित कोई प्रश्न है, तो आप हमसे टिप्पणियों के माध्यम से पूछ सकते हैं।

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