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वाक्य के कितने भेद होते हैं|Vakya ke kitne bhed hote hain

vakya ke kitne bhed hote hain

यहां हम vakya ke kitne bhed hote hain ,चर्चा करने जा रहे है ,इसलिए अगर आप vakya के सभी प्रकारों के वारे में जानना चाहते हैं ,तो आप विलकुल सही जगह पर आई हो ,यहां आपको vakya के सभी प्रकारों के वारे में बेहतर से जानने को मिलेगा।

इसलिए ,हमे लगता है ,यह आर्टिकल आपकेलिए बेहतर सावित रह सकता है ,अगर आप वाक्य के कितने प्रकार होते हैं ,जानना चाहते हैं तो। यहां हम विस्तार से उदाहरण के साथ चर्चा की है ,ताकि आप बेहतर से समझ संके ।

तो आइए विस्तार से जानते हैं कि वाक्य के कितने भेद हैं।

वाक्य किसे कहते हैं (Vakya kise kahate hain)

वाक्य के परिभाषा - शब्दों के सार्थक समूह जिससे सम्पूर्ण अर्थ प्रकट होता है ,उसे वाक्य कहा जाता हैं। वाक्य को भषा की सबसे बड़ा अंग के रूप में जाना जाता हैं और वाक्य दो से अधिक शब्दों के समहू से बनता हैं।

जैसे : राम दौड़ता हैं , राम खेलता हैं ,श्याम खा रहा हैं ,आदि।

वाक्य के अंग (Vakya ke ang)

वाक्य कितने अंग है - वाक्य के कुल दो अंग होते हैं ,जिसमे से एक है उदेश्य और दूसरा है विधेय।

a- उद्देश्य(Udeshya)

उद्देश्य किसे कहते हैं - वाक्य में जिसके बारे में विचार की जाती है ,उसे उदेश्य के रूप में गिना जाता है ,अर्थात वाक्य में स्तित कर्ता को ही उदेश्य कहा जाता है।

जैसे :

राम खाता है

इस वाक्य में राम की चर्चा की जा रही है और यह यहाँ कर्ता है, इसलिए इस वाक्य का उद्देश्य है।

रोहन खेलता है

यहाँ रोहन कर्ता है और इस वाक्य में इसकी ही चर्चा की जा रही है, इसलिए यह एक
उद्देश्य है।

उदेश्य के अंतर्गत कर्ता के विस्तारक को भी गिना जाता हैं। 

b - विधेय(Vidheya)

विधेय किसे कहते हैं - वाक्य में उद्देश्य के वारे जो कुछ चर्चा किया जाता है उसे उदेश्य के रूप में गिना जाता हैं , अर्थात वाक्य में स्तित क्रिया को ही विधेय कहा जाता हैं।

जैसे :

राम दौड़ता हैं

इस वाक्य में खेलता है विधेय है।

राधा पढ़ रहा हैं
यहाँ पढ़ रहा है ,विधेय हैं।

इसके अंदर क्रिया और क्रिया के विस्तारक को भी गिना जाता हैं।

वाक्य के कितने भेद हैं (Vakya ke kitne prakar hain)

आपको बता दें कि वाक्य तीन प्रकार के होते हैं और वे तीन अलग-अलग आधारों पर विभाजित होते हैं, यहां हम केवल दो आधारों पर चर्चा करने जा रहे हैं,वह है क्रिया के आधार पर वाक्य के भेद ,इस आधार को वाच्य भी कहा जाता है।

जैसे :

1. रचना /प्रयोग के आधार पर वाक्य के भेद
2 . अर्थ के अधार पर वाक्य के भेद

1. रचना /प्रयोग के आधार पर वाक्य के भेद

रचना /प्रयोग के आधार पर वाक्य कुल तीन प्रकार के होते हैं।

जैसे :

a. सरल /साधारण वाक्य
b. मिश्र /मिश्रित वाक्य
c. संयुक्त वाक्य

a. सरल /साधारण वाक्य (Sadharan Vakya)

सरल वाक्य किसे कहते हैं - वह वाक्य जिसमें केवल एक उदेश्य और एक विधेय होता है ,उस वाक्य को विशेष रूप से Saral Vakya  कहा जाता हैं।

ध्यान दें :

  • सरल वाक्य में केवल  एक उदेश्य और एक विधेय होता हैं।
  • यदि सरल वाक्य में क्रिया एक है ,तो वाक्य में स्तित सभी कार्ताएँ एक ही उदेश्य मानी जाएगी।
  • यदि वाक्य में कर्ता समान है, तो सभी क्रियाओं को एक हि बिधे माना जाएगा।
  • यदि किसी वाक्य में एक से अधिक कार्ताएँ है और क्रियाएं सामान रहे तो ,वाक्य में चाहे जितने भी उदेश्य हो, चाहे वह एक से अधिक हो, वे एक ही उद्देश्य के रूप में गिने जाएंगे।
  • जदि वाक्य मैं कर्ता एक से अधिक हो ओर क्रियाएँ भि एक से अधिक हो ,लेकिन प्रत्यक कर्ता द्वार कि गइ क्रिया समान है तो यह वाक्य सरल वाक्य के अंतर्गत गिने जाएगा। 

सरल वाक्य के उदाहरण :

1. राम के बड़े भाई श्याम बहुत पैसा कमाते हैं

श्याम - कर्ता (उद्देश्य)
राम के बड़े भाई - कर्ता विस्तारक (उद्देश्य)
कमाता है - क्रिया (विधेय)
बहुत पैसा - क्रिया विस्तारक (विधेय)

इस वाक्य में "राम के वड़े भाई श्याम" उद्देश्य है और "वहुत पैसा कमाता है" विधेय।

2. श्याम ब राधा भोजन करते हैं

श्याम - कर्ता (उद्देश्य)
राधा - कर्ता (उद्देश्य)
करते हैं - क्रिया (विधेय)
भोजन - क्रिया विस्तारक (विधेय)

इस वाक्य में श्याम और राधा जैसे दो कर्ता (उद्देश्य) हैं और भोजन करते है क्रिया ( बिधेय) है।

3. श्याम पढ़-लिख रहा है

श्याम - कर्ता (उद्देश्य)
पढ़ व लिख रहा है - क्रिया (विधेय)

इस वाक्य में दो क्रिया हैं, "पढ़ना और लिखना" और एक ही उदेश्य "श्याम" है।

b.संजुक्त वाक्य(Sanyukt Vakya)

संयुक्त वाक्य किसे कहते हैं - ऐसे वाक्य जिसमें दो से अधिक उपवाक्य हो और जो किसी निर्दिष्ट योजक शब्द से जुड़े हो, तो वह वाक्य संयुक्त वाक्य कहलाता है।

ध्यान दें :

  • संयुक्त वाक्य में कई सारे उपवाक्य होते हैं ।
  • संयुक्त वाक्य में स्तित सभी उपवाक्य साधारण होते हैं।
  • संयुक्त वाक्य मैं स्तित सभि उपवाक्य स्वतंत्र होते हैं।
  •  उपवाक्यों को किसी निर्दिष्ट योजक शब्द के द्वारा जोड़ा जाता हैं।

संयुक्त वाक्य के योजक शब्द- लेकिन परंतु,,किंतु,या,अथवा,तथा,एवं,ब,परंतु ,ओर ,ब्ल्कि,आदि।

संयुक्त वाक्य के उदाहरण :

1. राधा अच्छी तरह पढ़ती है, लेकिन परीक्षा में फेल हो जाती है

इस वाक्य में दो उपवाक्य हैं, जिनमें से एक है "राधा अच्छी तरह से पढ़ती है" और दूसरा खंड " परीक्षा में फेल हो जाती है" है। इन दो उपवाक्यों को "लेकिन " योजक शब्द द्वारा जोड़ा गया है ,इसलिए यह वाक्य संयुक्त वाक्य हैं।

2 . राम पढ़ रहा है ,श्याम खा रहा है ,लेकिन राधे शो रह है

इस वाक्य में कुल तीन उपवाक्य हैं और इन तीनों उपवाक्यों को "लेकिन " योजक शब्द के साथ जोड़ा गया है ,अतः यह वाक्य एक संयुक्त वाक्य हैं।

3. श्याम ने क्रोधित होकर आकाश को पीटा, किन्तु बात में श्याम को इस बात का बहुत अफ़सोस हुआ

इस वाक्य में भी दो उपवाक्य के है और इन दोनों उपवाक्यों को "किन्तु " योजक शब्द के मदत से जोड़ा गया हैं।

c.मिश्र वाक्य (Mishra Vakya)

मिश्र वाक्य किसे कहते हैं - ऐसे वाक्य जिनमें एक प्रधान उपवाक्य के साथ-साथ कई आश्रित उपवाक्य हों, तो उस वाक्य को विशेष रूप से मिश्र/मिश्रित वाक्य कहा जाएगा।

ध्यान दें :

  • मिश्रित वाक्य में आश्रित उपवाक्य एक से अधिक हो सकते हैं, लेकिन प्रधान उपवाक्य एक ही रहेगा।
  • अश्रित उपवाक्य के आरम्भ योजक शब्द से होती हैं।
  • मिश्रित वाक्यों में एक मुख्य उदेस्य और एक मुख्य विधेय के साथ साथ एक से अधिक संपिका क्रियाएं होती हैं।
  • प्रधान उपबाक्य एक साधारन उपवाक्य होता हैं , लेकिन अश्रित उपवाक्य साधारण बाक्य नहि होते हैं ।
  • यदि सभि उपबाक्य योजक से आरम्भ है तो ,उस बाक्य के अंतिम बाक्य प्रधान उपवाक्य होति हैं।

मिस्र वाक्य के योजक शब्द - जो ,की,किउंकि,जिन्हे ,जितना ,जिसे,जिस्का ,जैसे ,जैसे जैसे ,बैसे बैसे ,जौ ,आदि।

मिश्र/मिश्रित वाक्य के उदाहरण :

1 . श्याम व राम बाजार गए और सव्जियां और चावल लेकर आई।

इस वाक्य में दो उपवाक्य है जिसे "और" योजक शब्द के द्वारा जोड़ा गया हैं। अतः यह एक मिश्रित वाक्य हैं।

2 . श्याम को बुखार हो गया, इसलिए वह स्कूल नहीं आई

इस वाक्य में एक योजक सब्द के साथ साथ एक प्रधान उपवाक्य और एक आश्रित उपवाक्य है ,इसलिए यह एक मिश्रित वाक्य है।

3 . राधा भोजन किए और आराम की

इस वाक्य में भी एक प्रधान उपवाक्य और एक आश्रित उपवाक्य है ,जिसे योजक शब्द साथ संयुक्त किया गया है।

अतः यह वाक्य भी एक मिश्रित उपवाक्य हैं।

2. अर्थ के आधार पर वाक्य के भेद

अर्थ के आधार पर वाक्य कुल 8 प्रकार के होते हैं। 

जैसे :

a-विधानवाचक बाक्य ( विधान )
b-संदेहवाचक बाक्य( संधेह )
c-संकेतवाचक बाक्य ( संकेत /सर्त )
d-इच्छावाचक वाक्य (इछ )
e-आज्ञावाचक बाक्य (आंग्या )
f-निषेधवाचक बाक्य ((निशेद /मना कर्न )
g-प्रश्नवाचक  बाक्य ( प्रश्न )
h-विष्मायवाचक बाक्य ( विश्म्य ,आस्चर्ज्य)

a-विधानवाचक बाक्य ( विधान )

विधानार्थक वाक्य किसे कहते हैं - ऐसे वाक्य जिसमें क्रिया का होने या करने की सूचना मिलता है,उस वाक्य को विशेष रूप से विधानवाचक वाक्य कहा जाता हैं।

जैसे :

राम खा रहा है।
श्याम देख रहा हैं।
वर्षा हो रहा है।
में पानी पि रहा हूँ।
राम दौड़ रहा है।

b- संदेहवाचक बाक्य( संधेह )

संधेहार्थ्क बाक्य किसे कहते हैं - संधेह के भाव का बोध कराने बाले बाक्य सन्देहार्थक बाक्य होते हैं ,अर्थात ऐसे वाक्य जिनसे संदेह के भाव या संभावना के भाव व्यक्त होती हैं ,उस वाक्य को विशेष रूप से संदेहवाचक बाक्य कहा जाता हैं।

जैसे :

शायद आज बारिश होने वाली है।
राम शाय आयेंगे।
मैं कल आ सकता हूँ।
कोई आ रहा ह।

c - संकेतवाचक बाक्य ( संकेत /सर्त )

सकेतार्थक वाक्य कहा जाता हैं - जिन वाक्यों से शर्त के भाव वोध होता है, उस वाक्य को संकेतवाचक वाक्य कहते हैं।

जैसे :

तुम आओगे तो में जरूर आऊंगा।
आज बारिश होता तो अच्छा होता।
अगर आप परिश्रम करोगे तो अच्छा फल पाओगे।
अगर तुम आओगे तो अच्छा रहेगा।

d- इच्छावाचक वाक्य (इच्छा)

इच्छार्थक वाक्य किसे कहते हैं - ऐसे वाक्य जिसमे इच्छा ,आशीष ,सुभकामना ,श्राप ,आदि के भाव बोध होता है ,उस वाक्य को इच्छावाचक वाक्य कहा जाता हैं।

जैसे :

मैं एक बाइक खरीदना चाहता हूँ।
मैं एक बार अमेरिका जाना चाहता हूं।
ईश्वर आपको लंबी उम्र दे।
आपकी यात्रा शुभ हो।

e-आज्ञावाचक  बाक्य (आंग्या )

आज्ञावाचक वाक्य किसे कहते हैं - - ऐसे वाक्य जिससे आदेश ,प्रार्थना ,उपदेश ,आदि का भाव व्यक्त होता है ,उस वाक्य को आज्ञावाचक वाक्य कहा जाता हैं।

जैसे :

दरवाजा खोल दिजिए।
एक ग्लाश पानि दि जिए।
तुम कल क्लास में जरूर आना।
पिता माता के सम्मान करों।

f - निषेधवाचक वाक्य

 निषेधवाचक वाक्य किसे कहते हैं - जिस वाक्य में क्रिया न करने का भाव प्रकट हो, वे वाक्य निषेधवाचक वाक्य कहलाते हैं।

जैसे :

में कल स्कूल नहीं आऊंगा।
तुम आज खाना मत खाओ।
में आज स्कूल नहीं जाऊंगा। 

g - प्रश्नवाचक वाक्य(प्रश्न )

प्रश्नवाचक वाक्य किसे कहते हैं - ऐसे वाक्य जिससे किसी प्रश्न पूछने का भाव व्यक्त होता है ,उसे प्रश्नवाचक वाक्य कहा जाता हैं।

जैसे :

में कल स्कूल आ सकता हूँ क्या ?
तुम क्या करते हो ?
तुम कहाँ से आ रही हो ?
तुम्हारा पिता के नाम क्या है ?

h - विस्मयवाचक वाक्य

 विस्मयवाचक वाक्य किसे कहते हैं - ऐसे वाक्य जिससे क्रोध ,घृणा ,आश्चर्य ,आदि भावों की बोध होती है ,उस वाक्य को विशेष रूप से विस्मयवाचक वाक्य कहा जाता हैं।

जैसे :

अरे आप अभी तक जिन्दा हो !
कितना सुन्दर दृश्य है !
राम के माता -पिता दोनों ही चल वैसे !

(FAQ) बार बार पूछे गए प्रश्न

#1 वाक्य के कितने भेद होते ?
वाक्य के भेद 3 होते हैं।

# 2 रचना के आधार पर वाक्य के भेद कितने होते हैं ?
रचनाके आधार पर वाक्य 3 प्रकार के होते हैं।

# 3 अर्थ के आधार पर वाक्य के कितने भेद होते हैं ?
अर्थ के के दृष्टि से वाक्य 8 प्रकार के होते हैं।

# 4 वाक्य के कितने अंग होते हैं ?
वाक्य के कुल दो अंग हैं ,जैसे उदेश्य और विधेय।

अंतिम शब्द:

हमें यकीन है कि, इस लेख को पढ़ने के बाद, आप निश्चित रूप से वाक्य कितने भेद होते हैं जान गए होंगे ,लेकिन फिर भी यदि आपके मन में वाक्य के भेद को लेकर कोई संदेह है, तो आपको हमें कमेंट बॉक्स की मदद से पूछ सकते हैं , और हम संदेह संदेह को हल करने में आपकी मदद करेंगे ।

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