स्वर – के परिभाषा और भेद (Swar in Hindi)

यहाँ हम स्वर (swar in hindi) अथवा स्वर वर्ण के वारे में विस्तार में जानकारी साँझा करने जा रहे हैं ,इसलिए हमे लगता हैं ,यह लेख आपके लिए बेस्ट सावित रहने वाला है ,खास करके अगर आपको स्वर के वारे में डिटेल जानकारी जानना है तो।आपको बता दें कि स्वर हिंदी व्याकरण का एक महत्वपूर्ण विषय है, इसलिए प्रत्येक छात्र को स्वर के बारे में अच्छे से जानना चाहिए, इससे संबंधित कई प्रश्न परीक्षायों में भी पूछे जाते हैं।

इस लेख में हमने न केवल स्वरों की परिभाषा साझा की है, बल्कि स्वर के सभी प्रकारों के बारे में उदाहरणों के साथ विस्तार से समझाने की कोशिश की है, इसलिए हमें यकीन है कि आप स्वर और इसके सभी अंतरों को बेहतर ढंग से समझ पाएंगे।

तो चलिए जानते हैं स्वर के परिभाषा और स्वर के कितने प्रकार होते हैं।

ध्यान दें :जानकारी केलिए आपको बता दें  कि, अंग्रेजी के व्याकरण में स्वर की कुल संख्या 11 होती है, उसी प्रकार हिंदी व्याकरण में भी स्वर  की कुल संख्या 11 होती हैं, लेकिन हिंदी व्याकरण में, स्वर को अलग अलग प्रकारों में विभाजित किया जाता हैं, जिनकी हम आज यहां चर्चा करने जा रहे हैं।

स्वर किसे कहते हैं (Swar in Hindi)

आपको बता दें ,स्वर वर्ण का भेद है ,वैसे वर्ण कुल दो प्रकार के होते है,जिनसे एक है व्यंजन और दसूरा है स्वर जिसे हम हम अंग्रेजी में vowel नाम से जानते हैं। अगर आप वर्ण के वारे में नहीं जानते है तो यहाँ दिए गए लिंक को क्लिक करे और वर्ण के वारे जान सकते हैं।

स्वर की परिभाषा – ऐसे वर्ण जिसका उच्चारण करने में अन्य किसी वर्ण की सहायता नहीं ली जाती,या ऐसे वर्ण जिसे उच्चारण करते समय हवा मुँह में बिना रुके  सीधे बहार निकल जाता हैं ,उन वर्णों को स्वर अथवा स्वर वर्ण कहा जाता हैं।

स्वर के कितने भेद होते हैं(Swar ke kitne bhed hoti hain)

आपको बता दें कि हिंदी व्याकरण में कुल 11 स्वर होती हैं, जिन्हें तीन अलग-अलग वर्गों में विभाजित किया गया है, जिनके बारे में आज हम यहां चर्चा करने जा रहे हैं, मुख्य रूप से हिंदी व्याकरण में 3 प्रकार के स्वर हैं, जैसे कि हस्व स्वर, दीर्घ स्वर और प्लुत स्वर।

कुल स्वर की संख्या 11 हैं ,जैसे अ ,आ,इ ,ई,उ ,ऊ ,ऋ ,ए ,ऐ,ओ और औ।

स्वर कुल 4 होते हैं1 -हस्व स्वर 2 – दीर्घ स्वर 3 -प्लुत स्वर

1 # हस्व स्वर

हस्व स्वर किसे कहते हैं – हस्व स्वरों को उच्चारण या बोलने में ज्यादा समय नहीं लगती है यानी ऐसे वर्ण जिसे उच्चारण करने में सबसे कम समय लगता हैं ,विशेष रूप से उन वर्णों को हस्व स्वर कहा जाता हैं।

हस्व स्वर को लघु ,छोटा और मूल स्वर के नाम से भी जाना जाता हैं ,हस्व स्वर कुल 4 होती हैं ,जैसे जैसे अ ,इ ,उ ,ऋ

2 # दीर्घ स्वर

दीर्घ स्वर किसे कहते हैं – ऐसे स्वर जो उच्चारित होने में हस्व स्वर से दो गुना समय लेते हैं ,उन स्वरों को विशेष रूप से दीर्घ स्वर कहा जाता हैं।दीर्घ स्वर द्विमात्रिक होते हैं और इन्हे गुर अथवा बड़ा स्वर के नाम से भी जाना जाता हैं। दीर्घ स्वर कुल 7 होते हैं ,जैसे आ ,ई ,ऊ ए ,ऐ,ओ और औ।

3# प्लुत स्वर

प्लुत स्वर किसे कहते हैं – ऐसे स्वर जिसे उच्चारण करने में हस्व स्वर और दीर्घ स्वर से भी अधिक समय लगता हैं ,या ऐसे स्वर जिसे बिना रुके लम्बे समय तक उच्चारण किया जाता है , उन स्वरों को प्लुत स्वर कहा जाता हैं। प्लुत स्वर कुल 8 होते हैं ,जैसे अ,आ ,ई ,ऊ ए ,ऐ,ओ और औ।

ध्यान दें: स्वर मुख्य रूप से तीन प्रकार के होते हैं, लेकिन इसके अलावा, स्वरों को अलग-अलग दृष्टिकोणों से विभेदित किया जाता है, जैसे कि मात्रा के संदर्भ में स्वर के  भेद , ओष्ठ के दृष्टी से स्वर के भेद ,आदि ,इसलिए अगर आपको इन सभी प्रकारों के वारे में भी जानना है ,तो निचे दिए गए बटन को क्लिक करे और स्वर की विभेदीकरण प्रकिया को विस्तार से जानें।

फाइनल वर्ड :

वैसे, इस लेख को पढ़ते के बात , आपने स्वर के बारे में अच्छे से जान गए होंगे , लेकिन फिर भी ,यदि आपके मन में स्वर से संबंधित कोई प्रश्न है, तो बेझिझक हमसे कमेंट के माध्यम से पूछ सकते हैं।यहाँ हम स्वर बारे में विस्तार से चर्चा की है ,इसलिए हमे लगता है ,इस लेख आपको स्वर को समझने में वेहतर साबित रहा होगा।

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