संज्ञा किसे कहते है|Sangya kise kahate hain

sangya kise kahate hain

संज्ञा (noun)के कितने भेद हैं, और संज्ञा किसे कहते है(sangya kise kahate hain), यदि आप जानना चाहते हैं, तो यह लेख आपके लिए एकदम सही है, क्योंकि इस पोस्ट के माध्यम से हमने संज्ञा के बारे में विस्तृत जानकारी दी है।

इसलिए, यदि आप संज्ञा के सभी भेदों और संज्ञाओं को बेहतर तरीके से जानना चाहते हैं, तो इस लेख को अच्छी तरह से पढ़ने का प्रयास करें, ताकि आपको संज्ञा के बारे में बेहतर पता चल जाए और आपको इसे दोबारा पढ़ने की आवश्यकता न पड़े।

सज्ञां व्याकरण का बहुत ही महत्वपूर्ण बिषय हैं ,इसलिए अगर आप पढ़ाई कर रहे है या प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी कर रहे हैं, तो यह  संज्ञा(noun ) के बारे में जानना बहुत ही जरुरी है।

संज्ञा किसे कहते हैं (Sangya kise kahate hai)

संज्ञा किसे कहते है – बैसे तो संज्ञा एक शव्द है जो दुनिआ में स्तित सभी चीजों  के नाम को  दर्शाता  है चाहे बो दिखे या ना दिखें जैसे की हवा ,पानी ,पहाड़ ,समुन्दर,आकाश, जगह,प्लानेट ,ब्यक्ति आदि एक एक संज्ञा का उदाहरण हैं।

बैसे तो  दुनिआ में स्तित सभी चीजों को संज्ञा के रूप में गिना जाता है चाहे बो हमे दिखे या ना दिखे,बैस  तो हमारे आचरण भी एक नाउन है जिसे हम न देख सख्ते हैं न महसूस कर सकते। 

आपको बता दें कि विभिन्न प्रकार की संज्ञाएं होती हैं, जिसके कारण संज्ञा को 5 विभिन्न प्रकारों में विभाजित किया गया  है, ताकि लोगों को संज्ञा की बेहतर समझ मिल सके।

संज्ञा के कितने भेद हैं(Sangya ke kitne bhed hai)

संज्ञा के 5 भेद तथा प्रकार  होते  हैं। 

1-ब्यक्तिबाचक संज्ञा जो पाँच संज्ञाओं में से एक  है जो दुनिया में स्तित  सभी चीजों, व्यक्ति, पशु पक्षी आदि के नाम को दर्शाती है, जैसे कि राम, अमेरिका, हिमालय, आदि।

2- जातिवाचक  संज्ञा की बात करें तो जो शब्द  किसी जाती या  वर्ग का नाम को दर्शाता है,उसे जातिवाचक संज्ञा कहाजाता हैं जैसे की पहाड़ ,पक्षी,मनुष्य ,देश ,आदि इस संज्ञा का उदाहरण है।

3- द्रव्यवाचक संज्ञा – जिस शब्द से किसी पदार्थ  का नाम पता चलता हैं उसे बस्तु वाचक अथवा द्रव्यवाचक संज्ञा कहते हैं,जैसे की गोल्ड,सिल्वर,लकड़ी ,आयरन ,आदि हैं।

4- भाववाचक संज्ञा की बात करे तो, जो शब्द किसी  गुण, स्थिति, कार्य, भाव के नाम को दर्शाते हैं, उन्हें अभिव्यंजक संज्ञा कहा जाता है जैसे सौंदर्य, धैर्य, साधुता आदि इस संज्ञा के अंतर्गत आते हैं।

5- समूहवाचक  संज्ञा – किसी  समूह के नाम को दर्शाने वाला शब्द  को विशेष रूप से समूहवाचक  संज्ञा के रूप में गिना जाता है, जैसे कि सेना, पुलिस, नौसेना, टीम, आदि।

संज्ञा के उदाहरण:

  • व्यक्तिवाचक संज्ञा – राम, हिमालय, गंगा, भारत
  • जातिवाचक संज्ञा – देश, जिला, पर्वत, मानव वृक्ष
  • समूहवाचक संज्ञा – टीम,आर्मी,पुलिस,नेवी 
  • द्रव्यवाचक संज्ञा – जल ,मिटी,गोल्ड ,ताम्बा ,काठ

1. व्यक्तिवाचक संज्ञा(Vyakti vachak sangya)

व्यक्तिवाचक संज्ञा  किसे कहते हैं – किसी व्यक्ति, स्थान या वस्तु के नाम को निरूपित करने वाले शब्द को व्यक्तिवाचक संज्ञा कहा जाता है। इसलिए, दुनिया में बोली जाने वाली सभी नामों को  व्यक्तिवाचक संज्ञा  के रूप में गिना जाता है, चाहे वह किसी व्यक्ति का नाम हो या पहाड़ का नाम हो।

जैसे की :

(a)  राम मेरा दोस्त है जो अमेरिका में रहता है और वह कल फ्लाइट से भारत आ रहा है।

इस वाक्य में, राम, अमेरिका और भारत व्यक्तिवाचक संज्ञा हैं।

(b)कोरोना के कारण, विश्व में कई निर्दोष लोग मारे गए हैं।

यहाँ कोरोना और विश्व एक व्यक्तिवाचक संज्ञा  हैं .

(c) सचिन तेंदुलकर को भारत में क्रिकेट के भगवान के रूप  में मन जाता हैं  ।

इस वाक्य में सचिन तेंदुलकर  और भारत ब्यक्तिवाचक संज्ञा हैं।

व्यक्तिवाचक संज्ञा के उदाहरण:

  • व्यक्ति का नाम – गोपाल, हरि, नाम, अर्पित
  • सहर का नाम – मुंबई, दिल्ली, प्यून, हैदराबाद
  • नदी का नाम – महानदी, कथाजोड़ी, दया
  • देश का नाम – भारत, ऑस्ट्रेलिया, अमेरिका, चीन
  • पर्वत का नाम – हिमालय, बिन्ध्य ,आल्पस
  • ग्रन्थ का नाम – महाभारत ,रामयण ,भगबत ,गीता

2.जातिवाचक संज्ञा (Jativachak sangya )

किसी जाति के नाम और वर्ग के नाम को दर्शाने वाला शब्द जातिवाचक संज्ञा है। कई व्यक्तिवाचक संज्ञा के सामान्य नामों को भी व्यक्तिवाचक संज्ञा कहा जाता है, जैसे कि पहाड़, मनुष्य, पक्षी, जानवर, नदी, पेड़, आदि इस संज्ञा के अंतर्गत आते हैं।

जैसे  :

(a) चिड़ियों की संख्या धीरे-धीरे कम होती जा रही है

चिड़ियों का मतलब एक पक्षी नहीं है, यह दुनिया में स्थित सभी प्रकार के चिड़ियों को संदर्भित करता है, अर्थात, यह पक्षियों के सामान्य नाम को संदर्भित करता है, इसलिए पक्षी को जातिवाचक कहा जाता है।

(b) सेक्सपीयर को यूरोप के कालिदास के नाम से जाना जाता है। 

यहाँ पर कालिदास एक व्यक्तिवाचक होने के वाद भी यहाँ जातिवाचक संज्ञा के रूप में इस्तेमाल की गई हैं। यहाँ पर सेक्सपियर को कालिदास के साथ तुलना की गई है। 

(c) शिक्षक अगली पीढ़ी के बच्चों को पढ़ाते हैं

यहाँ, शिक्षक और बच्चे जातिवाचक संज्ञा हैं। यहाँ शिक्षक एक ही व्यक्ति को नहीं समझा रहा है, बल्कि उन सभी लोगों को समझा रहा है जो शिक्षा का दान करते हैं ,और बच्चों  का मतलब  भी एक बच्चा नहीं  है, बल्कि यह निर्दिष्ट  वयस्क मनुष्य के समूह को निरूपित कर रहा है।

(d) सब्जी खरीदने के उद्देश्य से श्याम सहार जा रहा है।इस वाक्य में, सब्जी एक जातिवाचक संज्ञा है, क्योंकि यह सब्जियों के एक समूह के नाम को दर्शा रहा है।

जातिवाचक संज्ञा के उदाहरण :

 देश,बिदेश,लगा,सहर गहरा,नदी,नाल,पहाड़,मनुष्य,पक्षी,पशु मच,बचे ,बूढ़े ,आदि  जातीवाचक संज्ञा है।

जिस शब्द से किसी जाती के नाम का पता चलता है तथा जिस शब्द किस जाती के नाम को दर्शाता उसे जातिवाचक संज्ञा कहा जाता हैं।

व्यक्तिवाचक संज्ञा और जातिवाचक संज्ञा के बीच अंतर क्या है

व्यक्तिवाचक संज्ञा और जातिवाचक संज्ञा के बीच बहुत कम अंतर है, जिससे यह पहचान कर पाना  मुश्किल हो जाता है कि कौन सा व्यक्तिवाचक संज्ञा है और कौन सा जातिवाचक संज्ञा है।

लेकिन अगर आप व्यक्तिवाचक संज्ञा और जातिवाचक संज्ञा के बिच अंतर जान पाएंगे तो आप आसानी से पहचान कर पाएंगे की कौनसा  जातिवाचक संज्ञा है और कौनसा व्यक्ति वाचक संज्ञा है।

व्यक्तिवाचक संज्ञा – जो शब्द किसी नाम का बोध करता  हैं। 

जातिवाचक संज्ञा – जो शब्द किसी समूह के जाती के  नाम को बोध करता हैं।

जैसे की:

आम एक स्वादिष्ट फल है। श्याम को कलमी आम खाना बहुत पसंद है, लेकिन यह नहीं जानता कि पेड़ पर कैसे चढ़ना  है।

इस वाक्य में आम फल जातीय  जातिवाचक संज्ञा है और कलमी एक नामवाचक तथा व्यक्तिवाचक संज्ञा।

जातिवाचक संज्ञा

व्यक्तिवाचक संज्ञा

भाषा

हिंदी

बही

महाभारत

पहाड़

हिमालय

नदी

महानदी

3. द्रव्यवाचक संज्ञा (dravya bachak sangay)

द्रव्यवाचक संज्ञा किसे कहते हैं – जिस चीज़  को आप छू सकते है या देख सकते उसे द्रव्यवाचक संज्ञा तथा वस्तु  वाचक संज्ञा कहा  जाता है,इसे आप क्सिसि भी तरह में इस्तेमाल कर सकते है और महसूस भी कर सकते।

द्रव्यवाचक संज्ञा की पहचान करना बहुत आसान है, किउंकि  आप उन्हें देख सकते है । मिट्टी, पत्थर, पानी, सोना, चांदी, लकड़ी, आदि इस संज्ञा के अंतर्गत आते हैं।

जैसे :

(a) चांदी से बना हार सोने के हार से काफी सस्ता होता है।

   इस वाक्य में, चांदी और सोना द्रव्यवाचक संज्ञा हैं, आप उनका उपयोग कर सकते हैं और देख  भी सकते हैं।

(b) पूजा  ने  एक हीरे का एक हार खरीदा है जिसकी कीमत सोने के हार  से  भी अधिक है।

इस वाक्य में हीरे और सोने  द्रव्यवाचक संज्ञा हैं।

द्रव्यवाचक संज्ञा को नहीं गिना जा सकता है, बल्कि मापा और तौला जा सकता है, इसलिए इन प्रकार की संज्ञाओं को अगणनीय संज्ञा के रूप में भी जाना जाता है।

द्रव्यवाचक संज्ञा के उदाहरण :

अंडा, मांस,  दूध, भोजन, तेल, लकड़ी, जूट, कॉफी, दवा, चाय, रबर, इत्र,आदि इस द्रव्यवाचक संज्ञा `के अंतर्गत आते हैं।

4.भाववाचक संज्ञा( Bhavbachak sangya)

जो शब्द किसी स्थिति, क्रिया, भाव और गुण के नाम को व्यक्त करता है, उसे भाववाचक संज्ञा तथा  गुणवाचक संज्ञा कहा जाता है। इस प्रकार की संज्ञा को देखा या गिना नहीं जा सकता है, लेकिन केवल महसूस किया जा सकता है।

जैसे :

(a) पूजा अपनी जवानी में बहुत खूबसूरत लग रही थी।

इस वाक्य में जवानी और खूबसूरत  भाववाचक  संज्ञा है, जवानी निर्दिष्ट अवस्था के नाम को ब्यक्त कर रहा है और खूबसूरत  किसी निर्दिष्ट गुणों  के नाम को  व्यक्त कर रहा है।

(b) उनकी ईमानदारी और विनम्रता के कारण, गाँव में हर कोई राम का सम्मान करता है।

इस वाक्य में, ईमानदारी, विनम्रता और सम्मान भावनात्मक संज्ञा के अंतर्गत आते हैं और ये शब्द एक निर्दिष्ट भाव के नाम को व्यक्त करते हैं।

भाववाचक संज्ञा के उदाहरण : दया, नम्रता, साधुता, धैर्य, जोश, शैशवावस्था, स्नेह, प्रेम, यौवन, शैशव, क्षमा आदि भाव संज्ञा के अंतर्गत आते हैं।

5.समूहवाचक संज्ञा (samuh vachak sangya)

किसी निर्दिष्ट व्यक्ति या चीजों के समूह के नाम को ब्यक्त करने  वाले शब्द को समूहवाचक  संज्ञा कहा जाता है, जैसे टीम, परिवार, झुंड, सेना, टुकड़ी, टीम, आदि।

जैसे :

(a) हमारे परिवार में 4 सदस्य हैं जिनमें से मैं सबसे छोटा हूं ।

इस वाक्य में ‘परिवार’ एक समूहवाचक संज्ञा हैं ,किउंकि परिवार शब्द से सदस्यों के एक समूह का नाम पता चल रहा है।

b) राम ने अपने पिता के कहने पर दो दर्जन केले खरीदे।

इस वाक्य में, “दर्जन” केले का एक समूह नाम का उल्लेख कर रहा है, इसलिए यह एक समहुवाचक संज्ञा  है।

c) गत वर्ष भारतीय क्रिकेट टीम ने वर्ल्ड कप का खिताब जीता था.

इस वाक्य में ‘टीम’ एक समूहवाचक संज्ञा है ,किउंकि यह शब्द एक ही खिलाडी को नहीं वल्कि  कई  खिलाडियों के समूह के नाम को व्यक्त कर रहा है।

समूहवाचक संज्ञा के उदाहरण :

कुर्सी, वर्ग, परिवार, समूह, समिति, गुच्छा, संग्रह, बेड़ा, फ्लोटिला, पैक, सेट,झुंड, झुंड, फली, झुंड

संज्ञा को Countable संज्ञा और uncountable संज्ञा के रूप में भी बांटा जाता हैं।

गणनीय संज्ञा (Countable Noun)

गिने जाने वाले संज्ञाओं को काउंटेबल संज्ञा के रूप में जाना जाता है, जैसे टेबल, कुर्सियां, दोस्त, फिल्में, पेड़, कुत्ते, आदि।

जैसे की :

(a)  राम ने बहुत सस्ते दाम पर तीन टेबल खरीदे।

(b) मेरे केवल दो दोस्त हैं, जिनके नाम श्याम और राधे हैं।

(c) मैंने पिछले महीने कई हॉलीवुड फिल्में देखीं।

अगणनीय संज्ञा (Uncountable Noun)

जिन संख्याओं को गिना नहीं जा सकता है, लेकिन केवल महसूस किया जा सकता है उन्हें uncountable  संज्ञाएं कहा जाता है।

(a) मेरे पास आपके साथ घूमने का वक्त नहीं है

इस वाक्य में वक्त एक uncountable संज्ञा है ,इसे आप गिन नहीं सकते है,वल्कि केवल अनुमान भाव कर सकते हैं।

(b)  श्याम का सामान्य ज्ञान बहुत अच्छा है, वह किसी भी प्रतियोगी परीक्षा को आसानी से क्रैक कर सकता है।

यहां पर ज्ञान एक uncountable संज्ञा है , ज्ञान को गिना नहीं जा सकता है ,वल्कि भाव किया जा सकता हैं।

फाइनल वर्ड:

आखिरकार, आपको संज्ञा के बारे में सारी जानकारी मिल गई होगी और संज्ञा क्या है और संज्ञा में कितने अंतर हैं, फिर भी आपको कुछ समझने में परेशानी होती है, कृपया कमेंट के माध्यम से हमें बताएं और हम आपको वही बात बेहतर तरीके से समझाएंगे।

इसे शेयर करें :

संबंधित लेख :

Leave a Comment