मिश्र वाक्य किसे कहते हैं|Mishra Vakya

 Mishra Vakya

है ,क्या आप Mishra Vakya क्या होता है ,जानना चाहते है ,अगर हं है तो आप विलकुल सही जगह पर आइ हो ,इस लेख के मदत से आप मिस्र वाक्य किसे कहते हैं अच्छे से जान पाएंगे।

किउंकि , इस लेख के जरिए हम मिस्र वाक्य के वारे में विस्तार से चर्चा करने जा रहे हैं ,इसलिए सायत यह लेख आपकेलिए बहुत ही फायदेमंद सावित रह सकता हैं ,और इस लेख को पढ़ने के बात आप अच्छे से जान पाएंगे की मिश्र  मिस्र वाक्य क्या होता है ,जिससे आप आसानी से मिस्र वाक्यों को पहचान कर पाएंगे।

तो चलिए  चर्चा करते हैं ,मिस्र वाक्य किसे कहते हैं ,उदाहरण के साथ। 

मिश्र वाकया (Mishra Vakya)

आपको की रचना के आधार पर वाक्य कुल तीन प्रकार के होते है ,जिसमे से एक है सरल /साधारण वाक्य ,दूसरा है संयुक्त वाक्य और तीसरा मिश्र वाक्य जिसके वारे में यहाँ हम चर्चा करने जा रहे हैं।

मिश्र वाक्य के परिभासा - ऐसे वाक्य जिसमे एक प्रधान वाकया के साथ कई सारे आस्रित उपबाक्य होते हैं ,उस वाक्य को मिश्र वाक्य कहा जाता हैं।

ध्यान दें :

  • आश्रित उपवाक्य के आरम्भ योजक शब्दों से होता है।
  • वाक्य में स्तित प्रधान वाक्य  एक सरल  उपवाक्य  होती है। 
  •  वाक्य में स्तित  सभी अश्रित उपबाक्य साधारण बाक्य नहि होते हैं। 
  •  मिश्र वाक्य में आश्रित उपवाक्य एक से अधिक हो सकता है ,लेकिन प्रधान वाक्य एक ही रहेगा। 

मिश्र वाक्य में स्थित प्रधान उपवाक्य और आश्रित उपवाक्य की पहचान कैसे करें।

प्रधान उपवाक्य - ऐसे उपवाक्य जिसका क्रिया और कर्ता का पता चल रहा है और वह उपवाक्य एक साधारण वाक्य हो ,तो उस उप वाक्य प्रधान उपवाक्य कहलाएगा।

आश्रित उपवाक्य - ऐसे उपवाक्य जिसका क्रिया और कर्ता का पता नहीं होता है और उनका  आरम्भ  कोई  योजक शब्द से होता है ,तो वह उपवाक्य आश्रित उपवाक्य कहलाएगा।

मिश्र/मिश्रित वाक्य के उदाहरण :

1 .  गाँधी जी ने कहा सदा सत्य बोलो ,हिंसा मत करो ,बुरा मत देखो

इस वाक्य में कुल तीन उपवाक्य हैं, जैसा

 गांधी जी ने कहा - इस उपवाक्य में कर्ता (उदेश्य) गाँधी है और क्रिया (विधेय) कहा है ,इस उप वाक्य में एक उदेश्य और एक बिधेय है ,अतः यह एक साधारण वाक्य है।

लेकिन  "हिंसा मत करो"  और "बुरा मत देखो " इन दोनों वाक्य में कर्ता या क्रिया कौन है  पता नहीं चल रहा है, अतः यह दोनों उपवाक्य इस व्यक्य का आश्रित उपवाक्य हैं।

अतः ,इस वाक्य में  गाँधी जी ने कहा एक प्रधान उपवाक्य है और अन्य दो उपवाक्य इस वाक्य के आश्रित  उपवाक्य है।

2 .राम ने परीक्षा में असफल हो गया क्योंकि वह अच्छी तरह से अध्ययन नहीं करता था, हमेशा दोस्तों के साथ खेलता था।

इस वाक्य में कुल तीन उपवाक्य है ,जैसे "राम ने परीक्ष्या में असफल हो गया "यह इस वाक्य का प्रधान वाक्य है ,किउंकि यह एक साधारण वाक्य है, इस उपवाक्य में  एक उदेश्य( राम ) और  एक बिधेय( असफल हो गया)  है।

लेकिन बाकि बचे दो उपवाक्य इस वाक्य का आश्रित उपवाक्य है ,किउंकि इन दो वाक्य का कर्ता या क्रिया का पता नहीं चल रहा है और इन आश्रित उपवाक्यों का आरम्भ योजक शब्द से हुआ है।

अतः यह एक मिश्र वाक्य है , इस वाक्य का प्रधान उपवाक्य "राम ने परीक्षा में असफल हो गया" और वाकि दो उपवाक्य इस वाक्य का आश्रित उपवाक्य हैं।

अंतिम शब्द :

वैसे, इस लेख को पढ़ने के बाद आपको पता चल गया होगा कि, मिश्र वाक्य किसे कहते हैं ,लेकिन फिर भी आपके पास मिश्रत वाक्य को लेकर किसी भी तरह का सवाल है तो ,आप हमे कमेंट के जरिए पूछ सकते हैं।

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