कुतुब मीनार की लम्बाई कितनी है | Kutub minar ki lambai kitni hai

कुतुब मीनार की लम्बाई कितनी है (1)

भारत की सबसे ऊंची मीनार कही जाने वाली कुतुब मीनार के बारे में कौन नहीं जानता होगा, आज के समय में यह भारत का एक प्रसिद्ध तीर्थ स्थल है।

दोस्तों, यह तो सभी जानते हैं कि कुतुब मीनार दुनिया की सबसे ऊंची मीनार है, लेकिन उनमें से कई ऐसे लोग भी हैं, जो जानते हैं कि कुतुब मीनार दुनिया की सबसे ऊंची मीनार है, लेकिन वे नहीं जानते कि कुतुब मीनार की लंबाई कितनी है।

दोस्तों क्या आप भी उन लोगों में से एक हैं, जो नहीं जानते कि कुतुब मीनार की ऊंचाई क्या है, अगर आप सच में नहीं जानते हैं और कुतुब मीनार की ऊंचाई जानना चाहते हैं, तो यह लेख आपके लिए बेहतर होने वाला है, क्योंकि यहां हम कुतुब मीनार की लंबाई के बारे में चर्चा करने जा रहे हैं।

यहां हमने न केवल कुतुब मीनार की ऊंचाई के बारे में चर्चा की है, बल्कि कुतुब मीनार के बारे में पूरी जानकारी दी है, जिससे आप कुतुब मीनार के बारे में विस्तार से जान पाएंगे।

वैसे दोस्तों यह लेख आपके लिए बेहतर साबित हुआ है या नहीं, हमें नीचे कमेंट करके जरूर बताएं, साथ ही अगर आपको इस लेख में कोई कमी नजर आती है तो हमें जरूर बताएं।

कुतुब मीनार की लंबाई कितनी है ?

कुतुब मीनार की लंबाई की बात करें तो इसकी ऊंचाई करीब 72.5 मीटर यानी 237.86 फीट है और अगर इसकी गोलाई यानी व्यास की बात करें तो इसका व्यास करीब 14. 3 मीटर है.

जैसा कि हम जानते हैं कि इसकी कुल लंबाई 73 मीटर है और इसकी ऊंचाई के हिसाब से इसमें कई सीढ़ियां हैं, जानकारी के मुताबिक इसमें कुल 379 सीढ़ियां हैं जो नीचे से ऊपर की मंजिल तक जाती हैं।

इसकी लंबाई के लिहाज से इसे भारत की सबसे ऊंची मीनार के रूप में गिना जाता है और कुतुब मीनार को दुनिया की सबसे ऊंची ईंट की मीनार के रूप में गिना जाता है।

जानकारी के अनुसार कुतुब मीनार भूकंप और बिजली गिरने से कई बार क्षतिग्रस्त हो चुकी है, लेकिन फिर भी समय-समय पर इसकी मरम्मत की जाती थी, जानकारी से दृष्टी से यह दो या तीन बार क्षतिग्रस्त हो चूका है ।

वैसे तो दोस्तों आप बेहतर से जान गए होंगे की कुतुब मीनार की लंबाई कितनी है तो आइए अब चर्चा करते हैं कि कुतुब मीनार का निर्माण किसने और कब किया था।

कुतुबमीनार का निर्माण किसने किया ?

दोस्तों कुतुब मीनार के निर्माण में कई शासकों का हाथ है, इसे एक ही शासक ने नहीं बनवाया है, Wikipedia की जानकारी के अनुसार कुतुब मीनार का निर्माण 1192 में शुरू किया गया था।

कुतुब मीनार का निर्माण कुतुबुद्दीन ऐबक द्वारा शुरू किया गया था जो दिल्ली के पहले मुस्लिम ताकतवर थे, हालांकि कुतुबुद्दीन ऐबक ने कुतुब मीनार का निर्माण शुरू किया था लेकिन वह किसी कारण से इसे पूरा नहीं कर सका, उसने केवल इसका आधार ही बनाया ।

कुतुबुद्दीन का उत्तराधिकारी इल्तुतमिश कुतुब मीनार को तीन मंजिल तक ले गया। दोस्तों कुतुब मीनार का पूरा निर्माण कुतुबुद्दीन के दामाद इल्तुतमिश ने सन 1220 ई.

वर्ष १३६९ में बिजली गिरने से चौथी मंजिल क्षतिग्रस्त हो गई थी, जिसकी मरम्मत फिरोज शाह तुगलक ने की थी, इस दौरान कुतुब मीनार की चौथी मंजिल को दो भागों में विभाजित कर उसमें एक और मंजिल जोड़ दी गई।

तो दोस्तों कुतुबुद्दीन ने कुतुब मीनार का निर्माण कार्य शुरू करवाया था उसके बाद उसके उत्तराधिकारी यानि उसके ससुर उसे तीसरी मंजिल तक ले गए और फिर फिरोज शाह तुगलग ने कुतुब मीनार को पांचवी मंजिल तक ले जाने के साथ ही उसका निर्माण पूरा किया।

कुतुबमीनार क्यों और कैसे बनवाया गया था?

दोस्तों, क्या आपने कुतुब मीनार के बारे में देखा या सुना है, तो आपने कभी न कभी सोचा होगा कि कुतुब मीनार के निर्माण का रहस्य क्या है और इसे कैसे बनाया गया है, अगर आप वास्तव में ऐसा सोचते हैं, तो आइए चर्चा करते हैं कि क्यों और कुतुबमीनार कैसे बनाया गया था।

जानकारी के मुताबिक क़ुतुब मीनार को क़ुतुबुद्दीन ऐबक ने अफगानिस्तान में स्तिथ जाम मीनार से प्रेरित हो कर या उससे आगे निकलने की चाहत से बनाया था लेकिन उन्होंने इसे सम्पूर्ण करने में असमर्थ रहे ,वे केवल उसका आधार ही निर्माण कर पाए थे।

आपको बता दें की क़ुतुब मीनार को निर्माण करने केलिए लाल वलुआ पत्थर का इस्तेमाल किया ,जो बिलकुल इट तरह दीखता है ,क़ुतुब मीनार को इट से निर्मित भारत का सबसे उच्चतम मीनार के रूप में गिना जाता हैं।

कुतुब मीनार कहाँ स्थित है?

कुतुब मीनार की लम्बाई कितनी है (1)

दुनिया का सबसे ऊंची ईंट का इमारतें कही जाने वाली क़ुतुब मीनार भारत के राजधानी दिल्ली में अवस्थित है और यह दिल्ली के दक्षिण क्षेत्र में स्तित एक इलाका है। क़ुतुब मीनार हमारे भारत देश का एक प्रसिद्द पर्यटन स्थली है ,यहाँ हर रोज लाखों के तादात में विजिटर आते हैं।

जानकारी के मुताविक क़ुतुब मीनार का नाम दिल्ली के प्रथम सुल्तानी शासक तथा क़ुतुब मीनार के निर्माता कुतुबुद्दीन ऐबक के नाम से रखा गया है।

ऐसा कहा जाता है की क़ुतुब मीनार बनने से पहले यहाँ करिक 27 हिन्दू तथा जैन मंदिर हुआ करताहै ,कुतुबुद्दीन ऐबक ने इन सभी मंदिरों को तोड़के यहाँ इस क़ुतुब मीनार का निर्माण किआ है ,इसी कारण से क़ुतुब मीनार कई बार विवादों में आ चूका हैं।

क़ुतुब मीनार कीचतुर पार्श्व में कई ऐतिहासिक इमारते है जैसे कुव्वत-उल-इस्लाम मस्जिद,दिल्ली का लौह स्तंभ, अलाई दरवाजा, इल्तुतमिश का मकबरा, अला-उद-दीन का मदरसा,अलाई मीनार, और मकबरा, मेजर स्मिथ का कपोला ,इमाम ज़मीन का मकबरा और सैंडरसन का सूंडियाल।

दोस्तों क़ुतुब मीनार में कई सारे मूवी के साथ म्यूजिक वीडियो भी शूटिंग हो चूका हैं।

क़ुतुब मीनार की निकट में एक बृहत लौह स्थम्ब है जो लगभग 2000 साल पुराना है ,2000 साल पुराना होने के वावजूत भी इसे आज तक जंग नहीं लगा है और यह खुले आसमान में महयुत है।

इस लौह स्तम्भ को चन्द्रगुप्त विक्रमादित्य ने बनवाया था ,लेकिन कुछ विशेषज्ञों का मान है की यहां स्तम्भ चन्द्रगुप्त ने नहीं बनवाया था ,वल्कि यह यहां पहले से ही महयुत था ।

दोस्तों आपको बता दें अला-उद-दीन खिलजी जो खिलजी वंश के दूसरे शासक थे उन्होंने क़ुतुब मीनार के जैसा और एक मीनार निर्माण करने की लक्ष्य रखा था ,लेकिन इसे समूर्ण करने से पहले ही उनका देहांत हो गया।

अला-उद-दीन खिलजी के दवरा निर्मित मीनार का नाम अलाई मीनार था ,उनके देहांत के समय इस मीनार की उचाई 27 मीटर तक पहुँच गया था ,वे इस मीनार को सम्पूर्ण कर नहीं पाए ,वे इस मीनार को क़ुतुब मीनार से भी उच्चे रखना चाहते थे।

अलाई मीनार को अधूर मीनार के नाम से भी जाना जाता है ,और यह कुतुब मीनार और मस्जिद के उत्तरी क्षेत्र में स्थित है। अगर यह मीनार समूर्ण हो पाता तो आज यह मीनार दुनिआ का सबसे उची मीनार कहलाता।

कुतुब मीनार के बारे में कुछ रोचक जानकारी?

  • क़ुतुब मीनार को देखने के लिए हर साल 10 लाख से अधिक पर्यटक आते हैं।

  • कुतुब मीनार को दुनिया की सबसे ऊंची ईंट की मीनार के रूप में जाना जाता है।

  • कुतुब मीनार पांच मंजिला मीनार है और इसमें कुल 379 सीढ़ियां हैं।

  • कुतुब मीनार के निर्माण से पहले यहां कुल 27 जैन और हिंदू मंदिर थे, लेकिन उन सभी मंदिरों को तोड़कर इस मीनार का निर्माण किया गया है।

  • इसके परिसर में कुव्वत-उल-इस्लाम नाम की एक मस्जिद है , जिसे भारत में निर्मित पहला मस्जित के रूप में जान जाता हैं।

  • साल 1993 में क़ुतुब मीनार को UNESCO द्वारा World Heritage Site के सूचि में शामिल किया गया था।

  • कुतुब मीनार को दुनिया की सबसे ऊंची इमारत के रूप में गिना जाता है।

  • कुतुब मीनार के परिसर में एक लोहे का खंभा है जो करीब 2000 साल पुराना है, लेकिन अभी तक जंग नहीं लगा है, इसे कुमार गुप्ता ने अपने पिता चंद्रगुप्त मौर्य की याद में बनवाया था।

  • कुतुबमीनार को लाल बलुआ पत्थर से बनवाया गया था।

कुतुब मीनार से जुड़े अक्सर पूछे जाने वाले सवाल :

Q. कुतुब मीनार कब बनाया गया था?

क़ुतुब मीनार का निर्माण कार्य का प्रारम्भ सन 1192 में कुतुबुद्दीन ऐबक के द्वारा आरम्भ हुआ था और सन 1368 फीरोजशाह तुगलक के द्वारा सम्पूर्ण हुआ था।

Q. कुतुब मीनार की ऊंचाई कितनी है?

क़ुतुब मीनार की लम्बाई करीब 73( 237.86 फ़ीट )मीटर।

Q. कुतुब मीनार में कितनी मंजिलें हैं?

क़ुतुब मीनार में पांच मंजिले है और कुल 379 सीढ़ियां हैं।

Q. कुतुबमीनार का निर्माण किसने किया था?

कुतुबुद्दीन ऐबक ने क़ुतुब मीनार का निर्माण किया था।

अंतिम शब्द :

दोस्तों हम यहां कुतुब मीनार के लम्बाई (Qutub Minar Ki Lambai Kitni Hai) के साथ साथ क़ुतुब मीनार के वारे में सम्पूर्ण जानकारी प्रदान की ,इसलिए हम उम्मीद करते हैं की यह लेख आपकेलिए बेहतर सावित रहा होगा ,लेकिन फिर भी आपके मनमे क़ुतुब मीनार को लेकर किसी भी तरह का डाउट है तो आप हमे कमेंट के माध्यम से पूछ सकते हैं ,साथ ही अगर आप इंटरनेट तथा टेक्नोलॉजी से जुड़े जानकारी पढ़ने में रूचि रखते हैं तो आप हमारी वेबसाइट को सब्सक्राइब कर सकते हैं।

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